शब्द संचय

विचारों के नए प्रतिमान
  • होम
  • कविताएँ
  • लेख
  • कहानियाँ
  • सीखें
  • रचना भेजें
  • हमारे बारे में
लॉग इन
मुख्य पृष्ठ › नियम एवं शर्तें
मंच की नियमावली • TERMS OF SERVICE

नियम एवं शर्तें (Terms & Conditions)

अंतिम संशोधन तिथि: 05 Nov 2026

1. नियमों की स्वीकृति

शब्द संचय पोर्टल का उपयोग करके आप इन नियमों व शर्तों को पूर्णतः स्वीकार करते हैं। यदि आप इन शर्तों से असहमत हैं, तो कृपया मंच की सेवाओं का उपयोग न करें।

2. बौद्धिक संपदा एवं कॉपीराइट (Copyright)

इस मंच पर प्रकाशित कविताएँ, लेख, निबंध और कहानियाँ संबंधित कवियों व लेखकों की अनन्य बौद्धिक संपदा हैं।

  • साहित्यिक कृतियों को व्यक्तिगत अध्ययन, साझा करने या पठन हेतु प्रयोग किया जा सकता है, बशर्ते रचनाकार और स्रोत का समुचित उल्लेख किया जाए।
  • बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी रचना का व्यावसायिक या अनाधिकृत पुनरुत्पादन निषिद्ध है।

3. साहित्यिक आचार संहिता एवं टिप्पणियाँ

पाठक और लेखक रचनात्मक संवाद और प्रतिक्रियाएँ देने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि:

  • अमर्यादित, आपत्तिजनक, विद्वेषपूर्ण अथवा स्पैम टिप्पणियों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटाया जा सकता है।
  • रचनाकारों की मौलिकता और मानवीय गरिमा का सम्मान करना प्रत्येक सदस्य का दायित्व है।

4. मात्रा गणना एवं साहित्यिक टूल्स का उपयोग

मंच पर उपलब्ध मात्रा गणना टूल, छंद नियमावली और पोस्टर जनरेटर लेखकों और विद्यार्थियों के साहित्यिक मार्गदर्शन हेतु निःशुल्क प्रदान किए गए हैं। इनका उपयोग रचना अभ्यास के लिए स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है।

5. संपर्क एवं सूचना

नियमों व शर्तों अथवा कॉपीराइट संबंधी किसी भी सूचना के लिए आप संपर्क पृष्ठ के माध्यम से संपादकीय मंडल से संवाद कर सकते हैं।



शब्द संचय

विचारों के नए प्रतिमान

हिंदी साहित्य, संस्कृति और विचारों का एक डिजिटल मंच। जहाँ शब्द मिलते हैं, संवेदनाएँ जन्म लेती हैं और विचार नया रूप पाते हैं।

त्वरित लिंक

  • होम
  • कविताएँ
  • लेख व विचार
  • कहानियाँ
  • मात्रा गणना व सीखें
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें

हमसे जुड़ें

  • हमारे बारे में
  • ✍️ अपनी रचना भेजें
  • लॉग इन / रचनाकार खाता
  • संपर्क करें
  • गोपनीयता नीति
  • नियम एवं शर्तें
“

शब्द लोगों को जोड़ते हैं।

~ ~ ~

© 2026 शब्द संचय. सभी अधिकार सुरक्षित।

Made with for Hindi & Humanity.